😱15 Reasons For Population Growth in india) भारत में जनसंख्या वृद्धि के प्रमुख कारणों का उल्लेख कीजिए तथा नियंत्रित करने के लिये उपाय। - mysksir.com

Wednesday, February 09, 2022

😱15 Reasons For Population Growth in india) भारत में जनसंख्या वृद्धि के प्रमुख कारणों का उल्लेख कीजिए तथा नियंत्रित करने के लिये उपाय।

भारत में जनसंख्या वृद्धि के कारण😱 Reasons for population growth in India ) 

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भारत की जनसंख्या वृद्धि के बहुत से कारण हैं, उन्हें अध्ययन की सुविधा की दृष्टि से तीन अग्रलिखित प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है-

#15 Reasons For Population Growth in india) भारत में जनसंख्या वृद्धि के प्रमुख कारणों का उल्लेख कीजिए तथा नियंत्रित करने के लिये उपाय।


(अ) सामाजिक एवं धार्मिक कारण ( social and religious reasons


1. विवाह की व्यापकता - prevalence of marriage

भारत में विवाह धार्मिक एवं सामाजिक दृष्टि से अनिवार्य कार्य समझा जाता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति शादी करके संतान उत्पन्न करना एक अनिवार्य कार्य समझता है।


2. बाल विवाह - child marriage

आज भी हमारे देश में बाल विवाह की प्रथा मौजूद है। शिक्षित परिवारों को छोड़कर सामान्यतः लड़कियों का विवाह 15 वर्ष की आयु से कम में ही कर दिया जाता है। इसलिए उनका सन्तानोत्पादन काल अधिक होता है, इस कारण अधिक बच्चों का जन्म होता है।


3. धार्मिक एवं सामाजिक अन्धविश्वास- religious and social interfaith

आमतौर पर अधिकांश भारतीय यह मानते हैं कि सन्तान ईश्वर की देन होती है और उसमें किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। 


4. संयुक्त परिवार प्रथा- joint family system

आज भी हमारे देश में संयुक्त परिवार प्रणाली विद्यमान है। संयुक्त परिवार का आर्थिक दायित्व परिवार के सभी सदस्यों पर रहता है। इसलिए इनमें उत्तरदायित्व की

भावना कम होती है और वे अन्धाधुन्ध सन्तान उत्पन्न करने लगते हैं। 


(ब) आर्थिक कारण - commercial purpose


1. निर्धनता – poverty

हमारे देश में निर्धनता के कारण गरीब माँ-बाप की यह आशा रहती है कि जितने अधिक बच्चे होंगे उसके काम में हाथ बँटायेंगे एवं आय में वृद्धि करेंगे। इस कारण वह अधिक बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित होता है। गुन्नार मिर्डल के अनुसार, “निर्धन समाज में बच्चे परिवार विशेष पर अधिक भार नहीं होते। इसके विपरीत प्रायः वे व्यक्ति के लिए सामाजिक सुरक्षा का एकमात्र साधन होते हैं।"


2. कृषि पर निर्भरता - dependence on agriculture

भारत में छोटी उम्र से ही बच्चों को पशुओं को चराने, खेत की रखवाली करने आदि कार्यों में लगा दिया जाता है। इसलिए कृषि कार्य में लगे व्यक्तियों के लिए बच्चे बोझ नहीं माने जाते। अतः वह अधिक सन्तान का होना बुरा नहीं समझते हैं।


3. गाँवों की प्रधानता - predominance of villages

2011 के आँकड़ों के अनुसार, भारत में 68.8% जनसंख्या गाँवों में निवास करती है। इस कारण वहाँ जन्म दर बहुत अधिक है। अनेक विद्वानों का यह मत है कि भारत में जैसे-जैसे औद्योगिकीकरण बढ़ेगा, जन्म दर में कमी होगी। किन्तु रॉबर्ट केसन के अनुसार, " भारत में जो भी शहरीकरण हुआ है, उसके साथ इस प्रकार के सामाजिक परिवर्तन नहीं हुए हैं जो जन्म दरों को नीचे लाते हैं।"


4. प्रति व्यक्ति आय में प्रारम्भिक वृद्धि - Initial growth in per capita income

इस सम्बन्ध में प्रो० लेबेन स्टीन का यह कथन है कि "जब किसी अल्पविकसित देश में स्थिरता टूटती है और प्रति व्यक्ति आय में थोड़ी सी भी वृद्धि होती है लोग अपने जीवन स्तर को सुधारने के बजाय परिवार की वृद्धि करने लगते हैं।" हमारे देश में मृत्यु दर में कमी होने के बावजूद भी जन्म दर में कमी न करने की प्रवृत्ति से लेबेन स्टीन के विचारों की पुष्टि होती है।


5. विचित्र आर्थिक दृष्टिकोण- strange economic outlook 

हमारे देश में शिक्षा एवं दूरदर्शिता के अभाव में लोगों का आर्थिक दृष्टिकोण बड़ा ही विचित्र हो गया है। अधिकांश ग्रामीण जनता की यह धारणा है कि बच्चे पैदा करना अभिशाप नहीं बल्कि एक वरदान है, क्योंकि जो एक पेट के साथ आता है, वह उसको भरने के लिए दो हाथ भी साथ में लाता है


(स) अन्य कारण other reason


1. जलवायु की उष्णता- climate warming

भारतीय जलवायु गर्म होने के कारण लड़कियाँ कम उम्र में युवा प्राप्त कर लेती हैं। अतः इनकी शादी कम उम्र में हो जाती है और वे अधिक सन्तानें उत्पन्न करती हैं। 


2. शिक्षा का अभाव- Lack of education

जब तक भारतीय जनसंख्या अशिक्षित रहेगी तब तक उसमें चेतना का अभाव रहेगा तथा जनसंख्या वृद्धि की दर ऊँची रहेगी।


3. सन्तान निरोधकों की कमी- lack of contraceptives

हमारे देश में सन्तान निरोधक का प्रयोग अत्यन्त सीमित है। इसका पहला कारण तो अज्ञानता है तथा दूसरा कारण इन साधनों का अभाव। इन कारणों से देश में सन्तान की वृद्धि होती रही है और जनसंख्या की दर ऊँची हो गयी है ।


4. अविवेकपूर्ण मातृत्व - unreasonable motherhood

सन् 1951 की जनगणना के आयुक्त श्री गोपाल स्वामी में अधिक जन्मदर का कारण अविवेकपूर्ण मातृत्व बताया है। उनका यह कहना है कि हमारे देश में ऊँची मृत्यु दर होने के कारण माताओं को यह विश्वास नहीं रहता है कि उनका बच्चा जीवित ही रहेगा, इसलिए वे अधिक बच्चों को जन्म देने में विश्वास रखती हैं, ताकि उनके बच्चों में से कुछ की मृत्यु भी हो जाये तो भी शेष बचे रहे।


जनसंख्या को नियंत्रित करने के उपाय measures to control population

भारत में जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए निम्न उपाय अपनाये जा सकते हैं-


1. आर्थिक विकास – Economic Development

कुछ प्रमुख का यह मत है कि आर्थिक विकास के द्वारा जनसंख्या को नियंत्रित किया जा सकता है, किन्तु भारत जैसे गरीब देशों में जहाँ चारों ओर गरीबी है, जनसंख्या में तीव्र गति से वृद्धि हो रही हो, हम जनसंख्या समाधान के लिए अर्थिक विकास होने तक इंतजार नहीं कर सकते हैं। इसलिए वर्तमान परिस्थितियों में हमारे लिये परिवार नियोजन की नीति को बढ़ावा देना आवश्यक है।


2. शिक्षा का स्तर – education level

शिक्षा के प्रसार के सम्बन्ध में प्रो० महालनोबीस ने कहा है कि जिन परिवारों का प्रति व्यक्ति व्यय बढ़ता है, उनमें कम बच्चे होते हैं। दूसरे शब्दों में, उच्च जीवन स्तर होने पर जनसंख्या में कमी होने की सम्भावना है। शिक्षित लोग सामान्यतः गृहस्थी का भार उस समय तक नहीं उठाना चाहते जब तक उनमें स्वयं अपने पैरों पर खड़े होने की शक्ति न हो। कार अथवा बच्चे में वे बहुधा कार को ही प्राथमिकता देते हैं।


3. शिशु मृत्यु दर में कमी- reduction in infant mortality

हमारे देश में शिशु मृत्यु दर अधिक होने के कारण माँ को इस बात का विश्वास नहीं होता है कि उसका बच्चा जीवित रहेगा। फलस्वरूप वह अधिक बच्चों की इच्छा रखती है। 


4. स्त्रियों की स्थिति में सुधार - improving the status of women

जनसंख्या समस्या का प्रमुख कारण हमारे देश में स्त्रियों की स्थिति का दयनीय होना है, क्योंकि लड़कियों को परिवार में बोझ समझा जाता है और प्रत्येक दम्पति पुत्र प्राप्ति की इच्छा करता है। पुत्र के अभाव में बार-बार गर्भ धारण करना पड़ता है और इस तरह नारी की दशा अत्यन्त खराब हो जाती है। अगर स्त्रियों की सामाजिक आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति 'सुधार किया जाये तो निश्चित रूप से जन्म दर में कमी आ जायेगी।


5. प्रेरणा कार्यक्रम-motivation program

परिवार नियोजन कार्यक्रम उस वक्त सफल हो सकता है जब विज्ञापन और प्रचार के माध्यम से लोगों को छोटे आकार के परिवार के गुणों और लाभों से अवगत कराया जा सके। प्रेरणा अभियान का उद्देश्य लोगों के दिमाग में यह विचार उत्पन्न करना है कि परिवार को नियोजित करके और इच्छानुसार बच्चे उत्पन्न करना सम्भव है।


6. प्रोत्साहन - Incentive

लोगों में परिवार नियोजन अपनाने को प्रेरित करने के लिए तरह-तरह के प्रोत्साहन दिये जा सकते हैं। उदाहरण के लिए चीन, जिसकी जनसंख्या समस्या भारत से अधिक है, 'एक परिवार: एक बच्चा' का आदर्श अपनाया है और अपनी जन्म दर 18 प्रतिशत हजार कर ली है, जबकि भारत में जन्म दर 1999 में 26.1 प्रति हजार है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए चीन की सरकार ने लोगों को प्रोत्साहन अर्थात् वेतन में 12.5% वृद्धि, मकानों में प्राथमिकता, स्कूलों में प्राथमिकता एवं नौकरियों में प्राथमिकता दी है, साथ ही जो एक बच्चे के परिवार के आदर्श को मानने से इन्कार करते हैं उन पर भारी कर लगाये जाते हैं।


7. बल प्रयोग - use of force

अगर ऊँची जन्म दर देश के विकास में बाधा उत्पन्न करती है और लोगों के जीवन स्तर की उन्नति में बाधा बन जाती है तो सरकार का यह कर्तव्य हो जाता है कि उचित विधान द्वारा इन रुकावटों को करें, जैसे गर्भपात के उपाय का प्रयोग या विवाह के लिए न्यूनतम आयु निर्धारित करना आदि। ये उपाय इसी ओर संकेत करते हैं कि राज्य सरकार को परिवार को सीमित करने का अधिकार प्राप्त है।


8. सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों में वृद्धि - Increase in Social Security Programs

सरकार को सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों में वृद्धि करनी चाहिए, जिससे कि लोग वृद्धावस्था एवं रोगावस्था में सहारा पाने की दृष्टि से सन्तानोत्पत्ति की प्रवृत्ति से हतोत्साहित होकर परिवार कल्याण कार्यक्रम अपना सकें।


9. सामाजिक सर्वसम्मति को बढ़ावा - promote social consensus

परिवार कल्याण नियोजन सम्बन्धी कार्यक्रमों के बारे में देश में व्यापक रूप से बहस आरम्भ की जा सकती है और लोगों से उनकी राय मालूम की जा सकती है, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को इस कार्यक्रम की जानकारी प्राप्त हो ।



11. अधिक बच्चे, अधिक कर- more child, more taxes

जनसंख्या की समस्या के प्रभावशाली नियंत्रण के लिये मुदालियर कमेटी के लगभग पाँच सदस्यों ने यह सुझाव दिया था कि तीन बच्चों के बाद सरकार को प्रत्येक अगले बच्चे पर प्रगतिशील कर लगाना चाहिये ।


12. आर्थिक विकास का व्यापक वितरण - wide distribution of economic growth

आर्थिक विकास तभी हो सकती है, जबकि इसके लाभों को समाज के गरीब वर्ग तक पहुँचाया जाये। लेकिन हमारे देश का यह दुर्भाग्य है कि यहाँ आर्थिक विकास से सिर्फ धनी वर्ग ही लाभान्वित हुआ है और गरीब लोगों को कोई खास लाभ नहीं मिला है। गरीब वर्ग में ही जन्म दर अधिक होती है, इसलिए विकास की प्रक्रिया को इस तरह लागू करें कि गरीब वर्ग का भी विकास हो, तभी जन्मदर कम होने की सम्भावना होगी।


13. परिवार नियोजन के साधनों का प्रचार- Promotion of family planning tools

प्रसार- जनसंख्या पर नियंत्रण लगाने के लिए परिवार नियोजन के साधनों का प्रचार एवं प्रसार करना आवश्यक है। इसके लिए अग्रलिखित सुझाव दिये जा सकते हैं।


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